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Fitter Theory Basic Knowledge Part-2 | फिटर थ्योरी सामान्य ज्ञान पार्ट -2

Fitter Theory Basic Knowledge Part-2 | फिटर थ्योरी  सामान्य ज्ञान पार्ट -2
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Friday, April 2, 2021

Fitter Theory Basic Knowledge Part-2 | फिटर थ्योरी  सामान्य ज्ञान पार्ट -2

फिटर थ्योरी सामान्य ज्ञान (Fitter Theory Basic Knowledge) यह जानकारी आपको होना बहुत जरूरी है। अगर आपने आईटीआई किया है फिटर ट्रेड से। इसमें आपको ऐसे 50 Fitter Theory Basic Knowledge जानने को मिलेगा। यह फिटर सिद्धांत स्मरणीय बिन्दु (iTi Fitter Memorable Point) भी कह सकते हैं।

Fitter Trade Basic Knowledge

1. यदि वर्क को मजबूती से नहीं जकड़ा गया तो दिल टूट जाएगा।

2. यदि कर्तन कोर की धार नहीं होगी तो दिल खुरदरे होल बनायगा।

3. यदि कर्तन किनारे की लम्बाई असमान होगी तो द्रित अति आकार के छिद्र बनायगा।

4. यदि ड्रिल की धार नहीं होगी तो दिल खुरदरे छिद्र बनायगा।

5. डाई के सिकिंग हेतु प्रयुक्त की जाने योग्य दो तरह की रेतियों के नाम : (क) रिफलर फाइल (ख) रोटरी फाइल

6. ऑल हार्ड हेक्सा ब्लेड में छिद्रों के मध्य का भाग कठोरित किया जाता है-

7. डबल कट फाइल कठोर धातु को तेजी से काटती है।

8. रेस्प कट रेती का उपयोग लकड़ी रबर को रेतने के लिए किया जाता है।

9. इकहरा कट फाइल का उपयोग पीतल, कांसा और एल्यूमीनियम को रेतने के लिए किया जाता है।

10. सीमेन्टाइट स्ट्रकचर हार्ड तथा ब्रिटिल (भंगुर) होता है।

11. पीयरलाइट स्ट्रकचर-: फैराइट तथा सेमेन्टाइट से मजबूत होता है।

12. फेराइट स्ट्रकचर-: साफ्ट (नर्म) तथा डक्टाइल (तन्य) होता है।

13. आस्टेनाइट स्ट्रकचर-: महीन (फाइन) ग्रेन तथा ठण्डा करने पर आसानी से मशीन किया जा सकता है।

14. मार्टेनसाइट स्ट्रकचर-: वीयर प्रतिरोधक तथा अन्य फेराइट स्ट्रक्चर वाली धातु को काट सकता है।

15. आसेटेनाइट स्ट्रकचर-: नॉन मेग्नेटिक होता है।

16. हार्डनिंग से वीयर प्रतिरोध बढ़ाता है।

17. अनीलिंग स्टील को शाफ्ट करती है।

18. नार्मलाइजिंग से स्टील का स्ट्रक्चर का रिफाईन होता है।

19. अनीलिंग से-: मशीन करने की क्षमता में सुधार आता है।

20. टेम्परिंग से-: टफनेस तथा शॉक प्रतिरोध उत्पन्न होता है।

21. टेम्परिंग 400°C से कम ताप पर गर्म करना तथा पानी से ठण्डा करने की क्रिया है।

22. नार्मलाइजिंग में स्टील को U.C.T.से 50°C अधिक गर्म करना चाहिए।

23. हार्डनिंग में स्टील को U.C.T.से 50°C अधिक गर्म करना चाहिए।

24. अनीलिंग में स्टील को U.C.T.से 50°C अधिक गर्म करना फिर ऑफ की हुई फरनेस में कुछ घंटों के लिए रखना पड़ता है।

25. अनीलिंग में स्टील को U.C.T से 50°C से अधिक गर्म करना चाहिए फिर गर्म जॉब को सूखी रेत से ढक कर रखना पड़ता है।

Fitter Theory Basic Knowledge Part-1 | फिटर थ्योरी सामान्य ज्ञान पार्ट -1

Fitter Theory Basic Knowledge Part-3 | फिटर थ्योरी  सामान्य ज्ञान पार्ट -3

26. नाइट्राइडिंग विधि में अमोनिया गैस में जॉबों को गर्म करना पड़ता है।

27. नाइट्राइडिंग द्वारा एलॉय स्टील में बहुत अधिक स्टेंग्थ तथा वीयर रजिस्टेन्स प्राप्त होती है।

28. केस हार्डनिंग लो कार्बन स्टील के लिए अति उपयुक्त है।

29. केस हार्डनिंग को पैक कार्बुराइजिंग विधि में गर्म तथा ठण्डा करने की प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगता है।

30. फ्लेम हार्डनिंग द्वारा आधुनिक मशीन टूल के गाइड 'वे' इस विधि द्वारा उपचार किये जाते हैं।

31. इंडक्शन हार्डनिंग स्टील कम्पोनेन्ट के बहु उत्पादन के लिए अति उपयुक्त है।

32. ग्रे कास्ट आयरन को आसानी से मशीन किया जा सकता है।

33. व्हाइट कास्ट आयरन मशीन करने के लिए हार्ड तथा कठिन होता है।

34. नोडूलर कास्ट आयरन बिना किसी उष्मा उपचार के उत्पन्न होता है।

35. मैलियेबल कास्ट आयरन में डक्टीलिटी अधिक होती है।

36. ग्रे कास्ट आयरन बियरिंग तथा स्लाइडिंग सरफेस के लिए अच्छा होता है।

37. व्हाईट कास्ट आयरन एब्रेशन प्रतिरोधक के अनुप्रयोग के लिए अच्छा होता है।

38. नोडूलर कास्ट आयरन को स्फेरोइडल ग्रेफाईट आयरन भी कहते हैं।

39. बिटनेस मार्क पंच करने के लिए 60° प्रिक पंच का उपयोग किया जाता है।

40. डिवाइडर के प्वाइंट को लोकेट करने के लिए 30° प्रिक पंच का उपयोग किया जाता है।

41. होल्स को लोकेशन करने के लिए 90° सेन्टर पंच का उपयोग किया जाता है।

42. कॉपर सल्फेट मेटल की सतह पर अच्छी तरह से चिपकता है लेकिन इंस्ट्रूमेंट (यंत्र) को खराब करता है तथा जल्दी सूख जाता है।

43. व्हाइट वाश रफ मेटल सरफेस कास्टिंग तथा फोर्जिंग सरफेस में प्रयोग होता है।

44. प्रशियन ब्लू धीरे-धीरे सूखता है तथा हेण्डलिंग में निकल (छूट) जाता है।

45. सेलूलोज लेक्वर अलग-अलग रंगों में मिलता है तथा सबसे अधिक उपयोगी है।

46. सेन्टर पंच तथा प्रिक पंच ग्राइडिंग व्हील के फेस पर ग्राइण्ड किये जाते हैं।

47. सरफेस प्लेट का विशिष्टीकरण उसकी लम्बाई तथा चौड़ाई (मिमी) में किया जाता है।

48. माटेबिल के साथ लम्बवत प्लेन प्रदान करने में प्रयोग होने वाला उपकरण ऐंगल प्लेट कहलाती है।

49. वर्कपीस को ऐंगल प्लेट की वर्टीकल फेस पर पकड़ने के लिए 'सी' क्लैम्प का प्रयोग भी किया जाता है।

50. इंजीनियर्स हैमर का हार्ड किया हुआ भाग फेस तथा पेन होते हैं।

अगर आपको Fitter Theory Basic Knowledge Part-2 | फिटर थ्योरी सामान्य ज्ञान पार्ट -2 यह सारे बिन्दु अच्छे लगे हैं तो आप और भी ज्यादा पॉइंट पढ़ सकते हैं। आपको ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करके पार्ट 1 ,पार्ट 3 पढ़ सकते हैं।

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